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Monday, August 23, 2010


....पर कंहाँ बचा था उसका अपना आप? ज़िंदगी ऊपर से शांत थी पर अन्दर की बेचैनियाँ! उसके होंठो पर अक्सर एक तंजिया मुस्कराहट खेल जाती, जब भी वह खुद के बारे में सोचती, गुनगुना उठती:
              "हमने दरिया से सीखी है, पानी की पर्दादारी
                ऊपर ऊपर हंसते रहना, गहराई में रो लेना"
रास्ता भी जैसे उसके ख्यालों में कटा, और वह कॉलेज भी जैसे उसे सोचते सोचते ही आई, आज १५ अगस्त है, कुछ ख़ास है नहीं, यही वह दिन था जब शेखर ने पहली बार प्रपोज़ किया था, प्रिसिपल सर की स्पीच सुनते सुनते भी उसकी आँखों के सामने वही घूम रहा था, पास में कौन बैठा है इतनी भी सुध नहीं....हल्का हल्का स्पर्श, पता नहीं किसकी अँगुलियों का? उसने चौंक कर देखा, जीतेन्द्र, फिजिक्स का लेक्चरार  ...."आज इतनी अच्छी लग रही हो कि जी में आता है...तुम्हारे घर के पास ही घर ले लूं! "उसने उसकी भूखी निगाहों को देखा...और एक बारगी काँप कर हर गई......झटके से हाथ खींच अपना स्थान बदल लिया.
                                   कहाँ कँहा से.. बदलूंगी अपना स्थान! क्या कर गए शेखर!!!
                                         "जो बादलों से भी मुझको बचाए रखता था
                                           बड़ी है धूप तो बेसायबान छोड़ गया ......"....................(बाकी आईंदा)

Monday, August 2, 2010


धीरे धीरे रात गहरा रही थी. वह चाहती थी, शेखर बसंत राव इसी रात के घेरे में कही हमेशा हमेशा के लिए गुम हो जाए, कभी न आए कभी भी न. पर नींदों का क्या करे जो शेखर की यादों के बगैर आँखों के पालों तक भी नहीं फटकती थी."मेरी तो नींदें भी चली गयी हैं शेखर ", एक सूखी सी हंसी और बस एक आह! इतना भर निकला उसके मुह से. उसने करवट बदली, पता नहीं कब  आँख लगी, और तड़के, भोर की पहली किरण के साथ, चिड़ियों सी चहकती वह बिलकुल ताज़ा थी. न तो किसी को पता था कि कोई किसी के लिए रात भर तड़पा था, और न ही किसी को इस बात का कोई फर्क पड़ना था, कि कोई किसी के लिए कितनी रातों से जाग रहा है. अब कँहा कोई  है जो कहे, "गुड वाली नाईट" या "उठ गई जान"
पूजा के बाद उसने, गीले बालों को सूखने, खुला छोड़ दिया, और साड़ी की भांजे सुधारती, जाने की तैयारियों में मशगूल हो गयी. अब वह रात की तरह कमज़ोर लडकी नहीं, बल्कि सुबह की शेरनी जो थी.
ज़िन्दगी को बस एक बार ही कोई घायल कर गया था,  शुक्र है उसका आप तो बचा था,..............(बाकी आइनदा .......)